पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी के बीच राजनीति जोरों पर है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार (6 जनवरी 2026) को सोनाली खातून का जिक्र करते हुए कि महाभारत में कौरवों का पतन अहंकार में द्रौपदी की गरिमा का अपमान के कारण हुआ था. उन्होंने कहा कि आज के जमाने के दुर्योधन-दुशासन की जोड़ी को बंगाल में एक गर्भवती मां पर किए गए असहनीय अत्याचार, अपमान और बेइज्जती के लिए लोकतांत्रिक सजा मिलेगी.
क्या था सोनाली खातून मामला?
बीरभूम की रहने वाली सोनाली खातून को अवैध प्रवासी बताकर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया था, लेकिन बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने भी उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था. दोनों देशों की नागरिकता के बीच फंसी सोनाली को गर्भवती होने के बावजूद बांग्लादेश में जेल में रखा गया. इस मामले को लेकर सोनाली के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. बाद में कोर्ट ने मानवीय आधार पर सोनाली को भारत में लाने का आदेश दिया था.
बांग्लादेश से लौटी सोनाली खातून से मिले अभिषेक बनर्जी
सोनाली खातून ने सोमवार (5 जनवरी 2026) को एक बेटे को जन्म दिया था टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘चाहे कोई कितना भी कमजोर क्यों न हो हम जिम्मेदारी निभाते रहेंगे. सोनाली के बच्चे का नाम ‘अपन’ रखा क्योंकि धरती पर कोई भी शक्ति हमारे अपने लोगों को पराया महसूस नहीं करा सकती. मैंने सोनाली खातून और उनके नवजात बेटे से मुलाकात की. उस मासूम बच्चे को देखकर मुझे जन प्रतिनिधियों के रूप में अपने उस कर्तव्य की याद आई कि हम प्रत्येक नागरिक के अधिकारों, सम्मान और गरिमा की रक्षा करें, चाहे वह कितना भी कमजोर क्यों न हो.’
अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि वह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में अपनी जनसभा के लिए कोलकाता से निर्धारित समय से लगभग दो घंटे की देरी से रवाना हुए, क्योंकि उनके हेलीकॉप्टर को “बंगाल विरोधी ताकतों से उड़ान भरने के लिए अनुमति नहीं मिली. रैली में अभिषेक ने कहा, ‘मैं यहां देर से पहुंचा, क्योंकि ‘बंगाल विरोधियों’ ने साजिश रची थी. वे मेरे हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने नहीं दे रहे थे.’



