पश्चिम बंगाल के परगना में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुरीदगंगा नदी पुल का शिलान्यास सोमवार (5 जनवरी 2026) को किया. इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी धर्म में विश्वास नहीं रखती. झूठ फैलाती है. एसआईआर के दौरान गंभीर रूप से बीमार लोगों को अपनी मतदाता पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दिया गया.
SIR के खिलाफ मंगलवार को कोर्ट जाएंगे
सीएम बनर्जी ने कहा, ‘हम एसआईआर के खिलाफ मंगलवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. हम वोटर लिस्ट को दुरुस्त करना चाहते हैं, लेकिन यह ठीक से होना चाहिए. एक या दो साल में. इतनी जल्दी क्यों? इस जल्दबाजी के दौरान लगभग दो महीने में 81 लोगों की मौत हो गई. बाकि लोग ने आत्महत्या की कोशिश की. वे हॉस्पिटल में भर्ती हैं.’
‘बंगाल में बीजेपी वर्जन…’
उन्होंने कहा, ‘बंगाल के बारे में कहानियां बताई जा रही हैं. हम कहते हैं कि, बंगाल की कहानी का BJP वाला वर्जन बताया जा रहा है, हमें कुछ कहने की जरूरत नहीं है. बस गंगासागर को देखिए और सरकार ने क्या किया है, और आपने क्या किया है? कुछ नहीं?’
‘1700 करोड़ की लागत से बन रहा गंगासागर पुल’
ममता बनर्जी ने गंगासागर पुल का मुद्दा भी छेड़ा. इस दौरान केंद्र सरकार से सवाल किया, ‘आखिर सरकार ने इसको लेकर क्या किया? उन्होंने कहा, ‘ गंगासागर पुल 1700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. यह अल्ट्रा-मॉडर्न चार-लेन पुल बन रहा है. मुरिगंगा नदी पर चार किलोमीटर लंबा पुल बन रहा है. हम सिर्फ़ बातें नहीं करते, हम अपने काम से दिखाते हैं.
केंद्र से मछुआरों को लेकर भी सवाल
उन्होंने कहा, ‘आप उन मछुआरों के लिए कैसे बोलेंगे जिन्हें मछली पकड़ने के दौरान बाघ काट लेते हैं, मगरमच्छ काट लेते हैं, जो कभी-कभी सीमा पार कर जाते हैं, गिरफ्तार हो जाते हैं, और जेल में रहते हैं, और हम उन्हें वापस लाते हैं. आप लोग (BJP) सिर्फ़ वोटर लिस्ट से नाम हटाते हैं और कुछ नहीं करते’



