West Bengal News: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में एक वायरल वीडियो ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. इस वीडियो में बारासात 1 पंचायत समिति के उपाध्यक्ष मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल दिखाई दिए. पैसों के पहाड़ के पीछे वह एक व्यवसायी के साथ बैठे दिखे. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वयरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
वायरल वीडियो में क्या दिखाई दिया?
वीडियो में जो पैसों का पहाड़ दिखाई दिया, उसमें कुर्सी पर बैठे उस व्यवसायी, राकिबुल इस्लाम का चेहरा लगभग ढक गया था. उनके बाईं ओर गियासुद्दीन बैठे थे. राकिबुल को फोन पर किसी से बात करते सुना गया. उन्हें कहते सुना गया, “कई मॉडल हैं. नकद में लेगा या फाइनेंस में?” कुछ देर बाद एक व्यक्ति नायलॉन का बैग लेकर उपस्थित हुआ. उस बैग में भी पैसे भरे गए.
How can Shri @AmitShah that Bengal is poor 😱
In Barasat, Panchayat Samiti Vice-President Giyasuddin Mondal sitting before a mountain of cash. (2022 Video)
Claims it’s “land deal money”!
In the era digital payment, cheques, bank transfers, people still paying 💸 ❓ https://t.co/yb9s1UL9pQ pic.twitter.com/RRM00KXjDj— Tushar Kanti Ghosh (@TusharKantiBJP) January 4, 2026
वीडियो सामने आते ही विवाद शुरू हो गया है. हालांकि गियासुद्दीन ने बताया कि वीडियो 2022 का है. एक का लेन-देन चल रहा था. वह सिर्फ बगल में बैठे थे. लेन-देन में उनकी कोई भूमिका नहीं है. व्यवसायी राकिबुल ने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के पैसे गिने जा रहे थे.
स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. अगर कोई दोष साबित होता है तो कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इससे विवाद थम नहीं रहा है. स्थानीय बीजेपी नेतृत्व का कहना है, “यही तृणमूल नेताओं का चरित्र है. वीडियो आने से यह फिर से स्पष्ट हो गया है.” बारासात 1 नंबर ब्लॉक तृणमूल के संयोजक मोहम्मद ईशा सरकार ने बताया कि अगर वीडियो की सत्यता साबित होती है, तो दोष साबित होने पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई.
गियासुद्दीन मंडल और राकिबुल इस्लाम की सफाई
एबीपी आनंद पर भी गियासुद्दीन ने मुंह खोला. उन्होंने कहा, “मैं बगल में बैठा हूं. 2022 का पुराना वीडियो है. मेरे दोस्तों ने जमीन खरीदी थी, उसका लेन-देन चल रहा था. मैं बस इतना ही जानता हूं.” राकिबुल ने कहा, “दो साल पुराना वीडियो है. जहां तक मुझे याद है, जमीन के लेन-देन का पैसा था. जमीन में निवेश था. वही पैसा था. गियासुद्दीन जमीन के पार्टनर थे. वह ऑफिस मेरा भी नहीं है. काजीपाड़ा की एक जगह है. मैं पार्टनरशिप में था. जो भी लेन-देन हुआ, वह सबकी उपस्थिति में हुआ.”
वीडियो को लेकर जोरदार चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि यह किसने कैमरे में कैद किया, यह अभी पता नहीं चला है. बीजेपी नेता तापस मित्रा ने कहा, “गियासुद्दीन तृणमूल के नेता हैं. वह एक जमीन माफिया हैं. उनसे इस तरह के पैसे मिलना स्वाभाविक है. हमने अनुब्रत, पार्थ चटर्जी को देखा है. तृणमूल आज बंगाल को लूट रही है. हम चाहते हैं कि अविलंब ईडी जांच करे, केंद्र सरकार देखे.”



