जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के समर्थन में उसके झंडे की तस्वीर पोस्ट की है. उन्होंने इस पोस्ट में फिलिस्तीन का नारा लिखा, ‘फ्रॉम द रिवर टू द सी, पैलेस्टाइन विल बी फ्री.’ महबूबा मुफ्ती का यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक स्थानीय क्रिकेटर को एक मैच के दौरान अपनी कैप पर फिलिस्तीन का झंडा दिखाने के लिए समन भेजा है.
क्या है मुफ्ती के नारे का मतलब?
महबूबा मुफ्ती ने जिस फिलिस्तीन के नारे का जिक्र किया है उसका अर्थ जॉर्डन नदी से लेकर भूमध्य सागर तक एक फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन करना है. इजरायल समर्थकों का कहना है कि इस तरह का नारा अक्सर उनके विरोधी फिलिस्तीनी ग्रुप किया करते हैं. यह नारा इजरायल के अस्तित्व को नकारता है.

From the river to the sea,
Palestine will be free.A flag in the wind, bold and free,
From the river to the sea. https://t.co/auXcMGV1VP pic.twitter.com/ouE57zvnVU— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) January 2, 2026
कश्मीरी क्रिकेटर ने हेलमेट पर लगाया फिलिस्तीनी झंडा
जम्मू-कश्मीर चैंपियंस लीग के मैच के दौरान एक क्रिकेटर के हेलमेट पर फिलिस्तीन का झंडा लगा था. बल्लेबाजी के दौरान कैमरे में रिकॉर्ड होने के बाद उसके हेलमेट पर फिलिस्तीन के झंडे का बना हुआ निशान दिखा. इसके बाद पुलिस ने क्रिकेटर को समन भेजा. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन हालात में फिलिस्तीन का झंडा दिखाया गया था.
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के लिए बुलाए गए क्रिकेटर की पहचान फुरकान भट के रूप में हुई है. यह घटना बुधवार (31 दिसंबर 2025) को जम्मू और कश्मीर चैंपियंस लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में जेके11 किंग्स और जम्मू ट्रेलब्लेजर्स के बीच मैच के दौरान हुई.
कश्मीरी क्रिकेटर मामले की पुलिस कर रही जांच
क्रिकेटर और टूर्नामेंट के आयोजक से पूछताछ करके पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जरूरी परमिशन ली गई थी या नहीं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या टूर्नामेंट की गाइडलाइंस का कोई उल्लंघन हुआ था और स्पोर्टिंग इवेंट के दौरान झंडा दिखाने के पीछे असली इरादा क्या था.
पिछले साल जुलाई में, उत्तर प्रदेश के देवरिया में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर फिलिस्तीनी झंडा वाली टी-शर्ट पहनने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया था. उसी महीने आगरा में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर फिलिस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में एक और आदमी को गिरफ्तार किया गया था.



