Saturday, March 28, 2026
spot_img
HomeBusinessGST सुधार, G-RAM-G से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक... PM मोदी ने गिनाए...

GST सुधार, G-RAM-G से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक… PM मोदी ने गिनाए 2025 में हुए बदलाव, कहा- ‘भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार’

2025 भारत के लिए आर्थिक सुधार का साल रहा है. इसके परिणाम भी देखने को मिले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि हमारे लोगों के इनोवेटिव जोश की वजह से भारत वैश्विक ध्यान का केंद्र बन गया है. आज दुनिया भारत को उम्मीद और भरोसे से देखती है. 

पीएम मोदी ने प्रोफेशनल साइट लिंक्डइन पर एक आर्टिकल साझा किया है. उन्होंने साल 2025 को भारत की सुधार यात्रा का ऐतिहासिक साल बताया है. इसने 11 सालों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाया है. 

‘भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया’

उन्होंने लिखा, ‘दुनिया उस तरीके की सराहना करती है, जिस तरह से अगली पीढ़ी के सुधारों के साथ सभी सेक्टर्स में प्रगति की गति को तेज किया गया. यह देश की विकास क्षमता को बढ़ाते हैं. मैंने कई सालों से कहा है कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है.’ 

उन्होंने कहा, ‘इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत की डेमोग्राफी, युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है. 2025 भारत के लिए ऐसे ही सालों के लिए याद किया जाएगा, जब उसने पिछले 11 सालों में हासिल की गई प्रगति के आधार पर सुधार कर एक राष्ट्रीय मिशन की ओर ध्यान केंद्रित किया.’

उन्होंने कहा, ‘हमने संस्थानों को आधुनिक बनाया. शासन को सरल बनाया. लंबे समय तक चलने वाली समावेशी विकास के लिए नींव को मजबूत किया. हम उच्च महत्वाकांक्षा, तेज क्रियान्वयन और गहरे बदलाव के साथ निर्णायक रूप से आगे बढ़े. सुधार नागरिकों को सम्मान के साथ जीने, उद्यमियों को आत्मविश्वास के साथ इनोवेशन करने और संस्थानों को स्पष्टता और विश्वास के साथ काम करने में सक्षम बनाने के बारे में रहे हैं.’ 

जीएसटी में हुए बड़े बदलाव

पीएम मोदी ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में बड़े बदलावों की ओर इशारा किया. इसमें 5% और 18% के साथ दो स्लैब संरचना की शुरुआत शामिल है. इन सुधार ने घरों, MSMEs, किसानों और श्रम गहन क्षेत्रों का बोझ कम किया. यह मध्यम वर्ग के लिए राहत भरा कदम रहा. सालाना 12 लाख कमाने वाले व्यक्तियों को अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. 6 दशक पुराने 1961 के आयकर अधिनियम को सरल और प्रौद्योगिकी संचालित आयकर अधिनियम 2025 में बदल दिया गया. 

इस साल बिजनेस सेक्टर में कई सुधार किए

इनके अलावा बिजनेस में किए सुधारों पर भी पीएम मोदी ने अपने आर्टिकल में चर्चा की. उन्होंने कहा कि बिजनेस में किए सुधारों में छोटी कंपनियों की परिभाषा का विस्तार करके 100 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली कंपनियों को शामिल करना और हजारों फर्मों के लिए कंप्लायंस लागत कम करना शामिल है. उदारीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम लिया गया. इसमें प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, सर्विस डिलीवरी में सुधार करने और बीमा पैठ बढ़ाने के लिए बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेश निवेश की अनुमति दी गई है. सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल संसद में पेश किया गया. यह सेबी में गवर्नेंस मानदंडो को बढ़ाएगा. निवेशक की सुरक्षा को बढ़ाएगा. कंप्लायंस का बोझ कम करेगा. एक विकसित भारत के लिए टेक्नोलॉजी संचालित सिक्योरिटीज मार्केट को सक्षम करेगा. 

समुद्री क्षेत्रों और ब्लू इकोनॉमी में किए कई सुधार

उन्होंने कहा कि सुधारों से कम कंप्लायंस और अन्य ओवरहेड्स के कराण बचत सुनिश्चित होगी. पीएम मोदी ने समुद्री क्षेत्रों और ब्लू इकोनॉमी सुधारों की सीरीज पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इसको लेकर मानसून सत्र में पांच ऐतिहासिक कानून पारित किए गए. इन उपायों ने 1908 के औपनिवेशिक काल के कानूनों  की जगह ली. इनका उद्देश्य डॉक्यूमेंटेशन को सरल बनाना, विवाद का समाधान करना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है. 

पीएम मोदी ने कहा, एक और बड़ा जोर अपराधों को खत्म करने और बिजनेस को आसान बनाने पर था. सैकड़ों पुराने कानूनों को खत्म कर दिया गया. इसमें रिपीलिंग एंड अमेंडमेंट बिल 2025 के जरिए 71 एक्ट्स को रद्द किया गया. कई क्वालिटी कंट्रोल ऑडर्स को अलग-अलग सेक्टर्स में रद्द या संस्पेंड कर दिया गया. इसमें प्रोडक्सन कॉस्ट कम होने, एक्सपोर्ट्स को बढ़ाने और कंज्यूमर्स के लिए कीमतें कम होने की उम्मीद है. 

उन्होंने बताया कि सिंथेटिक फाइबर, यार्न, प्लास्टिक, पॉलिमर और बेस मेटल्स में 22 QCOs को रद्द किया गया. इनमें स्टील, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, अलॉय और कंज्यूमर एंड प्रोडक्ट कैटेगरी में 53 QCOs को सस्पेंड किया गया. इनमें इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर मटीरियल्स की एक बड़ी रेंज शामिल है. 

लेबर रिफॉर्म्स में समय के साथ बदलाव किए

पीएम ने लेबर रिफॉर्म्स के महत्व को दोहराया. इसमें 29 बिखरे कानूनों को चार लेबर कोड्स में बदल दिया. इससे मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. साथ ही बिजनेस एफिशिएंसी भी बढ़ी. यह रिफॉर्म्स सही सैलरी, सोशल सिक्योरिटी, सुरक्षित वर्कप्लेस और फॉर्मल इकोनॉमी में महिलाओं और असंगठित मजूरों को ज्यादा भागीदारी को बढ़ावा देते हैं. 

पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल स्तर पर भारत ने न्यूजीलैंड, ओमान और यूके के साथ ट्रेड डील करके अपने प्रोडक्ट्स के लिए मार्केट का विस्तार किया. इसमें यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू किया है. यह विकसित यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत का पहला FTA है. यह निवेश को बढ़ाएंगे, रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे और स्थानीय उद्यमियों को भी प्रोत्साहित करेंगे. ये ग्लोबल अर्थव्यवस्था में एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेंगे. 

उर्जा क्षेत्र में किए परिवर्तनकारी सुधार

उन्होंने कहा कि उर्जा क्षेत्र में SHANTI एक्ट को एक परिवर्तनकारी सुधार बताया. यह परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और जिम्मेदार विस्तार की नींव रखता है. यह एआई युग में बढ़ती उर्जा की मांगों को पूरा करेगा. निजी क्षेत्र की भागीदारी, इनोवेशन और युवाओं के नेतृत्व कौशल विकास के रास्ते खोलेगा.

पीएम ने विकसित भारत ग्राम रोजगार गारंटी फ्रेमवर्क के माध्यम से ग्रामीण रोजगार में सुधारों की ओर इशारा किया. यह गारटीड रोजगार को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करता है. शिक्षा के सुधारों में कई ओवरलैपिंग निकायों को बदलने के लिए एक एकल एकीकृत उच्छा शिक्षा का प्रस्ताव है. 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments